Thursday, June 26, 2025

आचार्य हरिकांत सूरीश्वरजी का चातुर्मास भायंदर में

29 जून को बावन जिनालय से भव्य प्रवेश


भायंदर :-
शासनधोरी गच्छाधिपति आचार्य श्री जयघोष सूरीश्वरजी म.सा. के कृपा प्राप्त प्रिय पट्टधर सिद्धवचनी, रोचक प्रवचनकार आचार्य श्री हरिकांत सूरीश्वरजी म.सा. आदि 12 साधु- साध्वी भगवंतो के प्रथम ऐतिहासिक चातुर्मास भायंदर में होने जा रहा है।

भायंदर(वेस्ट) के 90 फ़ीट रोड पर स्थित श्री पार्श्व-प्रेम श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में हो रहा है।गुरुदेव का प्रवेश 29 जून को सुबह 7 बजे बावन जिनालय से प्रारंभ होकर श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर में धर्मसभा में परिवर्तित होगा।उनके साथ मुनिराज विवेकसार विजयजी म.सा.,मुनिराज श्री लब्धिनिधान विजयजी म.सा.,मुनिराज श्री देवांगरत्न विजयजी म.सा.,मुनिराज श्री पूर्णचन्द्र विजयजी म.सा.,मुनिराज श्री योगपून्य विजयजी म.सा.,तथा बहनों को चातुर्मासिक आराधना के लिए आचार्य श्री अभयशेखर सूरीश्वरजी की आज्ञानुवर्ति साध्वी श्री रोहिता श्रीजी के शिष्या साध्वी श्री विपुलगुणा श्रीजी म.सा. आदिठाणा -6 का भी प्रवेश होगा।

चातुर्मास के तहत सर्वसिद्धिदायक,44 दिवसीय सामुहिक सिद्धितप के विराट आयोजन में सभी परिवार को अवश्य जुड़ने की अपील की हैं।सामूहिक अत्तर पारणा अषाढ वद-5, 15जुलाई,2025,शाम 4.30 बजे तथा सिद्धितप शुभारंभ, अषाढ वद-6, बुधवार,16 जुलाई 2025सुबह 8.15 बजे व राजाशाही पारणा दिन,भादरवा सुद-6, शुक्रवार 29 अगस्त को सुबह 8.00 बजे होंगे।विभिन्न महापुजनो के अलावा श्री माणिभद्रवीर का हवन,दैनिक रोचक प्रवचनमाला सोमवार से शनिवर - सुबह उ.15 से 8.बजे व हर रविवारीय भव्य कार्यक्रम सुबह 9.00 से 12.00 तक होंगे व नगर प्रवेश से प्रारंभ हो रही हैं सांकली आयंबिल तप की आराधना के साथ अनेक धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

Monday, June 23, 2025

इरोड JITO ने किया राजनीतिक नेताओं का स्वागत किया

अनेक पदाधिकारियों की रही उपस्थिति


इरोड :-
 प्रतिष्ठित संस्था जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) की और से इरोड में आगमन पर अनेक राजनीतिक नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इन गणमान्य व्यक्तियों में कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को सम्मानित किया गया।जीतो अध्यक्ष गौतम बोथरा ने कहा कि मेघवाल  सम्मानित भारतीय राजनेता हैं जो अपनी सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रकाश जैन,महा सचिव विपुल चंडालिया, सह कोषाध्यक्ष पुनीत कोचर,निदेशक, श्रीपाल बाफना ललित धारीवाल व विनोदकुमार करबावाला आदि गणमान्य उपस्थित थे।

खाचरौद एवं भाटपचलाना के बीच विहारधाम का निर्माण

गुरु भगवंतों की प्रेरणा से भूमि दानदाता एवं निर्माता  ने लिया लाभ

 ब्रजेश  बोहरा 


भाट पचलाना :- 
मुनि भगवंतों की प्रेरणा से नागदा जंक्शन निवासी श्रीमती पुष्पा पंकज जैन (नेताजी), मनोहर वाटिका (नेमीनाथ वेयरहाउस, लुसड़ावन फांटा) की पुण्य भावना से खाचरौद एवं भाटपचलाना के बीच साधु-साध्वी भगवंतों के लिए विहारधाम का निर्माण होने जा रहा है।

खाचरौद और भाटपचलाना के बीच लगभग 20 किलोमीटर का लम्बा एवं कठिन विहार मार्ग साधु-साध्वी भगवंतों के लिए उग्र एवं कष्टदायक रहा है। पूज्य मुनि भगवंतों की प्रेरणा से जैन परिवार ने इस विहार मार्ग को सुगम, सुलभ, सुरक्षित एवं सात्विक बनाने हेतु अपनी भूमि प्रदान करने की भावपूर्ण इच्छा भाटपचलाना श्रीसंघ व मध्यप्रदेश विहार परिषद् के समक्ष रखी, जिसे पुण्य सम्राट युगप्रभावकाचार्य  श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वर जी महाराजा  के शिष्य प्रत्यक्षरत्न विजय जी म.सा. एवं पवित्र रत्न विजय जी म.सा. आदि ठाणा  के समक्ष समर्पित किया गया। 

गुरुदेव ने सहर्ष इस पुण्य भाव का अनुमोदन किया एवं वासक्षेप कर विशेष आशीर्वाद प्रदान किया, साथ ही यह विश्वास दिलाया कि आगामी सत्र तक यह विहारधाम सकल श्रीसंघ के समस्त साधु-साध्वी भगवंतों की सेवा में समर्पित होगा।

विहारधाम निर्माण का लाभ स्व. श्रेणिकमलजी कन्हैयालालजी बुपक्या की पुण्य स्मृति में सुशीला देवी बुपक्या परिवार भाटपचलाना ने लिया।खाचरौद शहर हेतु विहार के दौरान पूज्य मुनि भगवंतों ने नेमीनाथ वेयरहाउस परिसर में पधारकर विशेष मंत्रोच्चार विधि से भूमि का शुद्धिकरण किया एवं वासक्षेप कर भूमि दानदाताओं एवं विहारधाम निर्माताओं को सानंद मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

आज के कार्यक्रम मे साध्वी अमृतरसा श्रीजी म. सा. आदि  ठाणा व भाटपचलाना , खाचरौद व नागदा श्रीसंघो के सदस्यो की उपस्थिती रही ।अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् के प्रांतीय मंत्री  व भाटपचलाना परिषद प्रभारी  दिलीप ओरा नागदा का भी विहार धाम हेतु विशेष  सहयोग रहा। भाटपचलाना श्रीसंघ व मध्यप्रदेश विहार परिषद ने लाभार्थी परिवारों का आभार व्यक्त किया।

 

Saturday, June 21, 2025

गुरु रत्नाकर सूरीश्वरजी के मंदिर की प्रथम वर्षगांठ व ध्वजारोहण

देशभर से गुरुभक्तों की उपस्थिति


वलसाड (गुजरात,):-
पंजाब केशरी आचार्य श्री विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा.समुदाय के गच्छाधिपति, आचार्य विजय श्री रत्नाकर सूरीश्वरजी म.सा.के गुरु मंदिर की प्रथम वर्षगांठ एवं गुरु बिम्ब का द्वितीय ध्वजारोहण हर्सोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

श्री विजय इन्द्रदिन्न चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम वर्तमान गच्छाधिपति,श्रुत भास्कर  आचार्य श्री विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती  गणि डॉ इंद्रजीत विजयजी म.सा. आदि ठाणा -3 व तपस्विनी साध्वी गुणप्रभा म०सा० की सुशिष्या साध्वी श्री कमल प्रभा श्रीजी म०सा०आदि ठाणा~3 की निश्रा में संपन्न हुआ।धर्मसभा में गणिवर्य ने शासन के लिए दिए योगदान को याद किया।इस अवसर पर पूजा विधिवत रूप से अरविंद जैन, नरेंद्र जैन, श्री मणिभद्र वीर सुखड़ी परिवार एवं श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्राविका संघ  की बहनों द्वारा पढ़ाई गयी।

ध्वजा, पूजा एवं सधर्मीवात्सल्य का लाभ समाज रत्न राजकुमार व गुणमाला जैन के वंश प्रदीप-रेशमा जैन, प्रतीक समिधा जैन, मेसर्स प्रदीप पब्लिकेशन्ज, जालंधर परिवार ने लिया।कार्यक्रम के दौरान समाज रत्न राजकुमार व गुणमाला जैन जी की मूर्ति का उद्घाटन किया गया।लाभार्थी परिवार द्वारा गुरु भूमि के प्रांगण मैं चल रही गौशाला के शेड़ के लिये महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।कार्यक्रम में दिल्ली, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, गाज़ियाबाद व अन्य शहरों से गुरु भक्त उपस्थित थे।सतीश जैन नाहर 'पट्टी वाले', अध्यक्ष विजय इन्द्रदिन्न चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा लाभार्थी परिवार का बहुमान व सभी पधारे गुरु भक्तों का अभिनंदन किया गया।


Thursday, June 19, 2025

जब तक बच्चे की धड़कन है, तब तक जीवन है...

 जब तक बच्चे की धड़कन है, तब तक जीवन है...

गर्भवती माताएं ध्यान दे

दवा के साथ साथ दुआ भी जरूरी हैं - भक्तामर मंत्रों में अपार शक्ति


डॉ.
अनीश जैन, आध्यात्मिक स्कॉलर और भक्तामर गर्भ संस्कार प्रणेता, ने हाल ही में दो माताओं के केस के बारे में बताया कि जो गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की रिपोर्ट से चिंतित थीं। दोनों मामलों में डॉक्टर ने माताओं बताया कि बच्चे के दिल में समस्या है, लेकिन दोनों माताओं की प्रतिक्रिया में बड़ा अंतर था।

पहली मां: भारत की एक मां को डॉक्टर ने सलाह दी कि गर्भ को समाप्त कर देना चाहिए क्योंकि बच्चे के दिल में समस्या है। वह मां डर गई और टूट गई, और उसने गर्भ समाप्त करने के लिए दवाएं लेनी शुरू कर दीं।

दूसरी मां: अमेरिका से आई एक अन्य मां को भी डॉक्टर ने यही सलाह दी, लेकिन उसने कहा,"मैं भारत भूमि की बेटी हूं और जब तक मेरे बच्चे की धड़कन है, तब तक मैं उसका साथ नहीं छोड़ सकती।"

यह सुनने के बाद डॉ. जैन ने कहा कि यह खेल मेडिकल रिपोर्ट का नहीं, संस्कारों का है। उन्होंने कहा कि मातृत्व का धर्म है कि जब तक जीवन है, तब तक साथ देना चाहिए क्योंकि भक्तामर और णमोकार मंत्र के प्रभाव से कई बार चमत्कार होते हैं और बच्चे ठीक हो जाते हैं।

निष्कर्ष:

डॉ. जैन ने माता-पिता से प्रार्थना की कि वे डॉक्टरी निष्कर्ष सुनें लेकिन अंतिम निर्णय अपने संस्कार, धैर्य, और ईश्वर के प्रति विश्वास के साथ लें। जब तक धड़कन है, तब तक जीवन है, और जब तक जीवन है, तब तक आशा है।

डॉ. अनीश जैन का लेख पढ़ने के बाद, यह स्पष्ट होता है कि गर्भावस्था के दौरान माताओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, खासकर जब डॉक्टरों की राय और आधुनिक सोच का दबाव होता है। लेकिन डॉ. जैन हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करते हैं कि जब तक जीवन है, तब तक चमत्कार भी संभव है। आइए उनके कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करें:

महत्वपूर्ण बिंदु :-

गर्भ एक मंदिर है : डॉ. जैन गर्भ को एक पवित्र स्थान मानते हैं जहां एक आत्मा निवास करती है। इसलिए, माताओं को अपने गर्भ में पल रहे जीवन का सम्मान करना चाहिए और उसकी रक्षा करनी चाहिए।

मां की भूमिका : डॉ. जैन के अनुसार, एक सच्ची मां वह होती है जो अपने बच्चे की हर धड़कन तक उसके साथ खड़ी रहती है, चाहे अंत आए या चमत्कार।

चिकित्सा बनाम संस्कार :- डॉ. जैन कहते हैं कि यह मामला चिकित्सा का नहीं, संस्कारों का है। माताओं को अपने निर्णयों में अपनी आत्मा की बात सुननी चाहिए।

चमत्कार की संभावना :- डॉ. जैन बताते हैं कि जब तक जीवन है, तब तक चमत्कार भी संभव है। उन्होंने कई मामलों में देखा है जहां डॉक्टरी रिपोर्ट ने "जीरो चांस" बताया, लेकिन बच्चे भक्तामर और णमोकार मंत्र सुनते-सुनते जीवित रहे या मुक्ति की शांति को प्राप्त हुए।अंत में, उन्होंने सभी माताओं से प्रार्थना करते हैं कि वे डॉक्टरों की राय सुनें, लेकिन अंतिम निर्णय अपनी आत्मा से लें। जब तक धड़कन है, तब तक जीवन है, और जीवन है तो चमत्कार भी संभव है।

क्या ये उपकार है...? या मातृत्व से पलायन...?

डॉ. जैन ने आध्यात्मिक स्कॉलर और भक्तामर गर्भ संस्कार प्रणेता, ने एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की है जो माताओं और गर्भस्थ शिशुओं के जीवन से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह और माताओं के निर्णय में बड़ा अंतर होता है।


डॉक्टर की सलाह :-

डॉक्टर बड़ी सहजता से समझाते हैं कि गर्भ को समाप्त कर देना चाहिए क्योंकि बच्चे के दिल में समस्या है। लेकिन मां को यह समझना चाहिए कि यह निर्णय कितना महत्वपूर्ण है।

मां का निर्णय:

मां को यह समझना चाहिए कि वह अपने बच्चे के साथ क्या कर रही है। वह अपने बच्चे को दवाओं से मारने की कोशिश कर रही है या उसे प्रेम और करुणा से पालने की कोशिश कर रही है।

विकल्प :

डॉ. अनीश  ने कहा कि भक्तामर और णमोकार मंत्र के प्रभाव से कई बार चमत्कार होते हैं और बच्चे ठीक हो जाते हैं। मां को यह विकल्प भी विचार करना चाहिए।

निष्कर्ष :

डॉ. अनीश जैन ने माता-पिता से प्रार्थना की है कि वे डॉक्टरी निष्कर्ष सुनें लेकिन अंतिम निर्णय अपने संस्कार, धैर्य, और ईश्वर विश्वास के साथ लें। जब तक धड़कन है, तब तक जीवन है, और जब तक जीवन है, तब तक आशा है।

संतान अल्लाह की है… जान लेना मेरा हक नहीं

एक मुस्लिम मां ने डॉ. अनीश जैन को बताया कि अगर बच्चे को कोई शारीरिक कमी हो सकती है, तो भी वह गर्भ को समाप्त नहीं करेगी। उसने कहा, "संतान अल्लाह की दी हुई है। जब उसने दी है — तो वही संभालेगा। मैं कौन होती हूं उसकी जान लेने वाली?"

संदेश :

डॉ. अनीश जैन ने सभी माताओं से कहा है कि जब बच्चा पेट में है और धड़कन चल रही है, तो वह सिर्फ शरीर नहीं, ईश्वर की धड़कती अमानत है। उसे दवा से मिटाना नहीं — प्रार्थना, करुणा और मंत्रों से थामना चाहिए।

Tuesday, June 17, 2025

जैन उपासना स्थलों पर कब्जा, एक गंभीर चिंता - भूपेंद्र जैन

एकता ही शक्ति हैं


नई दिल्ली
 :- (मनोज जैन नायक) : जैन समाज के उपासना स्थलों पर बलात कब्जे की घटनाओं को   इंजीनियर भूपेंद्र जैन ने गंभीर चिंता का विषय बताया है ।

 परम पूज्य गुरुदेव अभिक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संचालित संस्था अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान (पंजीकृत) के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन के अनुसार जैन समाज एक शांतप्रिय समाज है । जो अहिंसा परमो धर्मः एवं जियो और जीने दो के सिद्धांत पर अपना व्यवसाय आदि कर जीवन यापन करती है । 

उन्होंने कहा कि कुछ समय से देखने में आ रहा है कि इस शांतप्रिय समाज के उपासना स्थलों पर अन्य समाज के असमाजिक तत्व बलात कब्जा कर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं । जो कि जैन समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है ।आज के इस युग में, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है कि कई स्थानों पर अन्य समुदायों द्वारा जैन मंदिरों और तीर्थस्थलों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। यह केवल धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, विरासत और पहचान पर सीधा आघात है। जैन मंदिर केवल पूजा के स्थान नहीं हैं वे हमारे सांस्कृतिक इतिहास, आध्यात्मिक मूल्यों और अहिंसा व सत्य पर आधारित जीवनशैली के प्रतीक हैं। इन पर किसी भी प्रकार का कब्ज़ा या परिवर्तन हमारी आत्मा को ठेस पहुँचाने जैसा है।

जैन ने कहा कि अब समय आ गया है कि जैन समाज एकजुट होकर, शांतिपूर्ण और कानूनी तरीकों से अपनी धार्मिक संपत्तियों की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए । हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपनी विरासत की रक्षा करें, आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखें और स्पष्ट रूप से यह संदेश दें कि जैन धर्म की संपत्ति केवल जैन समुदाय की है, और रहेगी।हम सभी को एकजुट होकर शासन प्रशासन के द्वारा कब्जा आदि रोकने हेतु प्रयास करने होगें । एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और अपनी आस्था व पहचान की रक्षा करने के लिए आइए, हम सब साथ आएं ।

कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे

मानव सेवा सोशल ग्रुप द्वारा शैक्षणिक सामग्री का वितरण


मुंबई :-
कोई भी बच्चा आर्थिक समस्या के चलते शिक्षा से वंचित नहीं रहे किसी उद्देश्य से पिछले तीन वर्षों से मानव सेवा सोशल ग्रुप, दादर द्वारा जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया जाता है। यह वितरण कार्यक्रम पिछले तीन साल से लगातार दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है।

ग्रुप के संस्थापक दिलीप राठौड़ ने बताया कि दादर के शांतीनाथ जैन मंदिर में स्थित कोठारी भवन हॉल में ग्रुप ने दानदाताओं के सहयोग से लगातार तीसरे वर्ष भी बच्चों को निशुल्क स्कूल किट, छाता,स्कूल बैग का वितरण किया गया।इस अवसर पर किसी भी बच्चे, बच्चियों को कीट देते हुए कोई भी फोटोग्राफी नहीं की गई।इस अवसर पर राठौड़ ने कहा कि संस्था आगे भी इस तरह के काम करती रहेगी।

उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत नवकार मंत्र से हुई। कार्यक्रम के लाभार्थी एवं शुभेच्छुक परिवारों से अगरचंदजी लोढ़ा,जयंतीलालजी लोढ़ा, जयंतीलालजी राजावत, आनंदजी पुनमिया, किरण रांका, परेश शाह, हसमुख मरलेचा,अशोक गुर्जर, संदीप मंडलेशा,आदिनाथ महिला मंडल दादर से मंजूलाबेन, हर्षाबेन शाह,ऊषा खांटेड, शर्मिला राठौड़,अभय सावला, गुरूजी प्रिन्स, मनीष मेहता, पत्रकार जेठमल राठौड़, विक्रम राठोड़ एवं विक्रम सुराणा के साथ कई गणमान्य उपस्थित थे।मंच संचालन हास्य कवि जयंतीलाल मिश्रीमलजी जैन चाणोद ने किया।इस अवसर पर विद्द्यार्थियों ने दिलीप राठौड़ का जन्मदिन उत्साह से मनाया।




 

Monday, June 16, 2025

व्यक्ति को जीवनदान देता हैं रक्तदान :- नरेंद्र गुप्ता

अग्रवाल सेवा समिति का कार्यक्रम


भायंदर :-
रक्तदान एक ऐसा कार्य है जो किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रक्तदान करने से हम किसी दुर्घटना या बीमारी के शिकार व्यक्ति की जान बचा सकते हैं। रक्तदान करने वाले व्यक्ति के रक्त को आवश्यकता अनुसार मरीज को चढ़ाया जाता है, जिससे मरीज का जीवन बचाया जा सकता है।

उपरोक्त विचार अग्रवाल सेवा समिति के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने भायंदर स्टेशन पर विश्व रक्तदान दिवस पर समिति की ओर आयोजित रक्तदान शिविर में व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से न केवल किसी की जान बचाई जा सकती है, बल्कि इससे रक्तदान करने वाले व्यक्ति को भी कई फायदे होते हैं। रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। इसके अलावा, रक्तदान करने से व्यक्ति को समाज सेवा का एक अवसर मिलता है, जिससे उनका आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।शिविर में 60 से ज्यादा लोगों ने रक्तदान किया।


एकत्रित रक्त जे.जे. महानगर ब्लड सेंटर, भायखला को दिया गया।शिविर का उद्घाटन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट्स के अध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलन से  किया।समिति के कोषाध्यक्ष गिरीश अग्रवाल कहा कि वर्तमान समय में ब्लैड बैंकों में रक्त की बहुत कमी है, इसी सामाजिक उत्तरदायित्व को समझते हुए समिति ने रक्तदान शिविर आयोजित किया।इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र मित्तल,डॉ निरंजन अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, भीकमचंद अग्रवाल सहित कार्यकारिणी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में पूर्व नगरसेवक ओमप्रकाश गाड़ोदिया, डॉ. सुशील अग्रवाल,राकेश अग्रवाल, अनिता गाड़ोदिया, मुन्नीदेवी अग्रवाल, भाविक गाड़ोदिया,पत्रकार देवेंद्र पोरवाल,युथ फ़ोरम के अध्यक्ष दीपक जैन,सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।सचिव मनोज खेमका ने आभार व्यक्त किया।

Sunday, June 15, 2025

जन सेवा समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी :-दिलीप सुंदेशा

लायंस क्लब (बॉम्बे) मेट्रोपॉलिटन का कार्यक्रम


मुंबई :-
जन सेवा एक ऐसा कार्य है जो समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है। यह न केवल जरूरतमंद लोगों की मदद करने का एक तरीका है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी एक साधन है। जन सेवा के माध्यम से हम समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की जरूरतों को पूरा करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर सकते हैं।जनसेवा समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी हैं।

उपरोक्त विचार लायंस क्लब (बॉम्बे) मेट्रोपॉलिटन के अध्यक्ष लायन दिलीप सुंदेशा ने जलगांव में क्लब की और से जयपुर फुट वितरण के मेगा कैंप में व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि जन सेवा करने से न केवल समाज को लाभ होता है, बल्कि इससे हमें भी व्यक्तिगत रूप से लाभ मिलता है। जन सेवा से हमें समाज में एक सकारात्मक छवि बनाने में मदद मिलती है, और इससे हमें अपने जीवन में एक उद्देश्य और अर्थ की अनुभूति होती है। इसके अलावा, जन सेवा से हमें नए लोगों से मिलने और नए संबंध बनाने का अवसर मिलता है, जो हमारे जीवन को और भी समृद्ध बना सकता है।सुंदेशा ने कहा कि हमारे क्लब का उद्देश्य सिर्फ सेवा करना नहीं, बल्कि लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट वापस लाना है।यह परियोजना हमारे लिए जुनून है और इसका हिस्सा बनने पर हमे गर्व है।

कैम्प में अपने विचार व्यक्त करते हुए 3231 - A के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन विराफ मिस्री ने कहा कि जयपुर फुट सिर्फ एक कृत्रिम अंग नहीं है, बल्कि लाखों बेसहारा लोगों के लिए आशा की किरण है।उन्होंने सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों व सहयोगियों को बधाई दी व मुंबई से आकर जलगांव में यह प्रोजेक्ट करने के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक लायन मोतीलाल बाणमिया जिला अध्यक्ष जयपुर फुट ने बताया कि 189 लोगो को जयपुर फुट का वितरण किया गया।उन्होंने कहा कि यह भावनात्मक रूप से दिल को छू लेने वाला कार्यक्रम साबित हुआ। इस विशेष सेवा योजना के तहत, कई शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को कृत्रिम पैर (जयपुर पैर) दिए गए, जिससे उन्हें फिर से चलने की ताकत मिली और स्वतंत्र जीवन जीने की उम्मीद जगी।पुनमिया ने कहा कि जयपुर फुट अब एक वैश्विक सेवा आंदोलन बन चुका है। कई लाभार्थी न केवल फिर से चलने लगे हैं, बल्कि खेल और व्यवसाय के क्षेत्र में भी नई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं।

लायंस क्लब ऑफ बॉम्बे महानगर के उपाध्यक्ष लायन राजेंद्र चोपड़ा ने कहा कि हमारा क्लब हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहा है।उन्होंने कहा कि जयपुर फुट ड्राइव विकलांगों के लिए सामाजिक कार्यों में सबसे आगे रहा है। यह हर किसी के दिल को छूता है क्योंकि यह उनके जीवन में चलने की क्षमता को बहाल करता है।उन्होंने कहा मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म हैं।

शिविर की सफल बनाने में म क्लब के नरेश शाह (ओएसडब्ल्यू अध्यक्ष),लायन रमेश छाजेड (क्लब कोषाध्यक्ष) और पूरी क्लब टीम और दानदाताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मेटरपोलिण क्लब सचिव नरेश शाह  ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे प्रोजेक्टों के माध्यम से समाज में आशा की लौ जलाता रहेगा।उन्होंने बताया कि लायंस क्लब ऑफ बॉम्बे महानगर व रेड स्वतिक,जलगांव के सहयोग से किया गया।

Sunday, June 8, 2025

कीर्तियश सूरीश्वरजी का चातुर्मास पुना में

5 जुलाई को होगा भव्य प्रवेश


पूना :-
जिन के करकमलों से 300 से अधिक पुण्यात्माओं को रजोहरण प्राप्ति हुई है, वैसे महासंयमी महापुरुष सूरिरामचंद्र-सूरिगुणयश परमकृपा पात्र परम पूज्य आचार्य श्री विजय कीर्तियश सूरीश्वरजी म.सा. का चातुर्मास महाराष्ट्र की पुण्यमय व सांस्कृतिक नगरी पूना में हो रहा है।आचार्य श्री के चातुर्मास को लेकर संघ में जबरदस्त उत्साह हैं, व संघ इसे यादगार व ऐतिहासिक बनाने की तैयारियों में लगा है।

श्री कल्पतरु 108 पार्श्वनाथ मूर्तिपूजक तपागच्छ जैन संघ व श्री आदिनाथ श्वेतांबर जैन मुर्तिपुजक संघ, ईशा एमरल्ड के तत्वावधान में नगर प्रवेश शनिवार 28 जून व चातुर्मास प्रवेश 5 जुलाई को होगा।संघ ने चातुर्मास में दर्शन वंदन का लाभ लेने की विनंती की है।









ललितप्रभजी का चातुर्मास हैदराबाद में

6 जुलाई को भव्य चातुर्मास प्रवेश


हैदराबाद :-
  क्रांतिकारी औजस्वी प्रवचनकार, राष्ट्र संत श्री ललितप्रभजी, श्री चन्द्रप्रभजी म.सा. डॉ मुनि शांतिप्रिय सागरजी म.सा. आदि ठाणा 3 का परिणाम लक्षी वर्षावास 2025 तेलंगाना के मौतियों की नगरी भाग्यनगर में हो रहा है।

लोक कल्याणकारी दिव्य सत्संग चातुर्मास समिति त्रयनगर के तत्वावधान में गुरुदेव का प्रवेश आषाढ शुक्ल 11 रविवार 6 जुलाई 2025 एग्जिबिशन ग्राउंड, नामपल्लि, हैदराबाद में होने जा रहा है।चातुर्मास को लेकर संघ में जबरदस्त उत्साह है, व इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए संघ तैयारियों में जुटा है।

समिति ने सभी गुरू भक्तो से सहपरिवार पधारकर धर्माराधना करने का भावभरा निमंत्रण दिया हैं।आयोजक :- लोक कल्याणकारी दिव्य सत्संग चातुर्मास समिति त्रयनगर हैदराबाद