भायंदर भीमसेन जोशी (टेंबा) अस्पताल में शुरू होगी हार्ट सर्जरी
कार्डियक कैथलैब यूनिट स्थापना को मिली मंजूरी
विनोद मिश्रा
■ भायंदर :- मीरा-भायंदर शहर के एकमात्र सरकारी भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) अस्पताल में अब शीघ्र हार्ट सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी. जिससे अब हार्ट से संबंधित बीमारियों के सभी इलाज आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब मरीज भी अपना उपचार मुफ्त में करा सकेंगे. हाल ही में राज्य के स्वास्थ्य सेवा आयुक्तालय ने अस्पताल में कार्डियक कैथलैब यूनिट की स्थापना करने की मान्यता दे दी है, ऐसी जानकारी अस्पताल के मुख्य सर्जन डॉ. जाफर तड़वी ने दी है. डॉ. तड़वी इस यूनिट की स्थापना के लिए काफी प्रयासरत थे. डॉ. तड़वी ने बताया कि राज्य के 19 सरकारी अस्पतालों में यूनिट की मान्यता मिली है. जिसमें मुंबई के मालाड में मालवणी के सामान्य अस्पताल का भी समावेश है. कार्डियक कैथलैब यूनिट की स्थापना भायंदर पश्चिम में स्थित पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) अस्पताल की मुख्य इमारत में प्रवेश द्वार के पास रिक्त भूखंड पर की जायेगी. इसके लिए 8,500 वर्गफुट की तल व एक मंजिल की इमारत का निर्माण किया जाएगा. इमारत के नक्शे को भी मंजूरी मिल गई है. हेल्थकेयर इक्विपमेंट्स एक्सेसोटाइट्स द्वारा कैथलैब यूनिट का निर्माण टर्नके बेसिस पर किया जाएगा.
कार्डियक कैथलैब यूनिट की मान्यता मिलने से शहर के हार्ट मरीजों को बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी. यूनिट की मान्यता में स्थानीय विधायक गीता जैन ने सराहनीय योगदान दिया. यूनिट की मान्यता के बाद इसके नई इमारत निर्माण की जगह 7 वृक्षों की बाधा आ रही थी, उसे वहां से हटाने और इमारत के नक्शे की मंजूरी के लिए लगने वाले कागज पत्रों को उपलब्ध कराने में अस्पताल के नियामक मंडल के सदस्य ओमप्रकाश गारोडिया ने भी काफी सहयोग किया
- डॉ. जाफर तड़वी, मुख्य सर्जन, भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल
शहर के एकमात्र इस सरकारी अस्पताल में कार्डियक कैथलैब यूनिट शुरू होने से इसका लाभ मीरा - भायंदर से विरार तक के हार्ट मरीजों को उपचार की मुफ्त सुविधा उपलब्ध हो जायेगी. अस्पताल के मुख्य सर्जन डॉ. तड़वी ने इस यूनिट की मान्यता के लिए काफी मेहनत की. शहर के जनप्रतिनिधि इस अस्पताल पर ध्यान दे तो यहां भी मुंबई के बड़े सरकारी अस्पतालों जैसी अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती है.
ओमप्रकाश गरोडिया, पूर्व नगरसेवक व नियामक मंडल सदस्य
अत्याधुनिक बनाया जाएगा शवगृह व पोस्टमार्टम रूम
कार्डियक कैथलैब यूनिट की स्थापना के साथ ही अस्पताल में स्थित शवगृह,पोस्टमार्टम रूम को भी अत्याधुनिक बनाया जायेगा. पहले अस्पताल में 21 मोर्क्युरी थे. जिनमें से 9 खराब हो गए थे. अब 9 नए मोर्क्युरी के साथ 12 नई शीतपेटी भी उपलब्ध कराए गए हैं. इसके साथ ही पोस्टमार्टम के बाद आवश्यक अंग (ऑर्गन) सुरक्षित रखने, केमिकल एनालिसिस के लिए भी अत्याधुनिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है.
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