उत्तन-विरार सी ब्रिज को मंजूरी
रोड-रेल योजनाओं पर सरकार का बड़ा निर्णय, मुंबई एमएमआर में मेगा कनेक्टिविटी
कैबिनेट का फैसला
■ मुंबई :- लोकसभा चुनाव के पहले मुंबई-एमएमआर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में रोड व रेल इंफ्रा परियोजनाओं को लेकर महायुति सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. बुधवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मुंबई के उत्तन से एमएमआर के विरार तक सी ब्रिज प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई. लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले राज्य सरकार कई योजनाओं को लेकर फटाफट निर्णय ले रही है. आने वाले समय में मुंबई और उपनगरों में यातायात को सुलभ बनाने के लिए राज्य कैबिनेट की बैठक में एक और सागरी सेतु निर्माण की मंजूरी दी गई है. उत्तन से विरार तक प्रस्तावित बहुउद्देश्यीय सी ब्रिज को शिंदे कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद एमएमआर में मेगा कनेक्टिविटी की शुरुआत होगी. पहले चरण में उत्तन से सीधे विरार से जोड़ने के लिए 43 किमी लंबे वर्सोवा-विरार सी लिंक के निर्माण होगा. एमएमआरडीए द्वारा प्रस्तुत पहले चरण में, उत्तन से विरार कनेक्टिंग रोड का निर्माण समुद्री पुल के साथ किया जाएगा और दूसरे चरण में विरार से पालघर समुद्री पुल का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना के लिए लिया जाने वाला ऋण वित्त मंत्रालय के नियमों और शर्तों के अधीन होगा. एमएमआरडीए इसके लिए फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा.
होगा सबसे बड़ा सी लिंक
• मुंबई से नवी मुंबई को जोड़ने वाले 22 किमी लंबे देश के सबसे बड़े मुंबई ट्रांसहार्बर अटल सेतु के बाद अब मुंबई के पश्चिमी तट पर लगभग 43 किमी लंबा वर्सोवा- विरार-सी लिंक देश का सबसे बड़ा समुद्री ब्रिज होगा, यह लगभग 1 किमी समुद्र के किनारे के अंदर से होकर जाएगा.
• एमएमआरडीए नरीमन प्वाइंट और कोलाबा के बीच एक अन्य समुद्री लिंक पर भी काम शुरू करने जा रहा है. उल्लेखनीय है कि बांद्रा से वर्सोवा सी लिंक का काम एमएसआरडीसी के माध्यम से शुरू है.
• अब उत्तन विरार सी लिंक योजना से मुंबई और एमएमआर क्षेत्र के आवागमन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा. प्रस्तावित सी ब्रिज वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एसवी रोड और लिंक रोड जैसे प्रमुख मागों पर यातायात की भीड़ कम होगी.
2,453 करोड़ जालना-खामगांव नई रेलवे लाइन के लिए
नई ब्रॉड गेज रेलवे लाइन
राज्य में रेल लाइनों के विस्तार के लिए भी सरकार तेजी से काम कर रही है. बुधवार को कैबिनेट की बैठक में जालना खामगांव नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के लिए राज्य सरकार के हिस्से की 2453 करोड़ रूपए की मंजूरी दे दी गई. इस रेलवे लाइन पर जमीन की कीमत समेत 4 हजार 907 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च होंगे और 50 प्रतिशत राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी. इस रूट को लेकर सेंट्रल रेलवे ने एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है. कुल 162 कि.मी. लंबे और 16 स्टेशनों वाले इस मार्ग के पूरा होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने की मंजूरी
राज्य कैबिनेट ने मुंबई के 8 रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदलने का निर्णय ले लिया. मंत्रिमंडल ने मुंबई में स्टेशनों के ब्रिटिश नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. करी रोड रेलवे स्टेशन का नाम लालबाग रेलवे स्टेशन, सँडहस्टं रोड रेलवे स्टेशन का नाम डोंगरी रेलवे स्टेशन, मरीन लाइन्स का नाम मुंबादेवी, चर्नी रोड स्टेशन का नाम गिरगांव, हार्बर लाइन पर कॉटन ग्रीन का नाम कालाचौकी और डॉकयार्ड का नाम मझगांव रेलवे स्टेशन होगा. किंग्स सर्कल स्टेशन को तीर्थंकर पार्श्वनाथ रेलवे स्टेशन करने को मंजूरी दी गई. विधानमंडल की मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्रीय गृह और रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा.

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