मुंबई-जब कभी आप क्रोध मैं हो तब नकारात्मक सोचने की बजाय नारायण से अपनी चिर प्रतिक्षित इच्छा को पूरी करने की मांग करे इससे इसका संचार होगा और आप सकारात्मक होने लगेंगे,क्योंकि जब आप सकारात्मक सोचते हैं तो आपकी सकारात्मक सोच पूरा काने की जिम्मेदारी प्रकर्ति की हो जाती हैं.ऐसा करने पर आपके काम हर प्रयास भी सफल होंगे।उपरोक्त विचार नारायण सत्संग परिवार की संस्थापिका राजेश्वरी मोदी ने व्यक्त किये।लोग उन्हें प्यार से दीदी कहते हैं.
दीदी ने एक मुलाकात मैं विभिन्न विषयो पर बोलते हुए कहा की भी आप अप्रसन्न हो तब बराबर जिद्दी बच्चे की तरह 'मैं खुश हूँ 'अच्छा महसूस कर रहा हूँ का उच्चारण करे और चमत्कार देखे आप तुरंत ही अच्छा महसूस करने लगेंगे।क्योंकि आप द्वारा प्रेषित भाव जब ब्रह्माण्ड में जाते हैं और ग्यारह गुना प्रसन्नता के भाव इको होकर आप तक वापस आते हैं और आप कुछ ही क्षणों मैं अच्छा महसूस करने लगते है.उन्होंने कहा की सुबह उठते ही स्वयं से वादा करे की मैं खुश रहूँगा,सकारात्मक रहूंगा,स्वस्थय रहूंगा और कुछ ही दिनों मैं परिवर्तन देखे।
दीदी ने कहा की उपरोक्त बातों का पालन कर आप अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं,और इसमें हमारी मदद करते हैं उसुई,रेकी,करुणा रेकी और साधना द्वारा प्राप्त प्रतिक चिन्ह जिसे असरदार बनाने के लिए राम राम का जाप और हनुमान चालीसा का उच्चारण करते हैं.उन्होंने कहा की जिन्हे यह नहीं आता वह अपने इष्ट का जाप कर सकते हैं.उन्होंने कहा आप के जीवन रूपी पुस्तक को ग्रन्थ बनाइये।उनके नारायण सर्किल ऑफ़ लाइफ ने अनेको का जीवन संवरा हैं.संतोष गोयल ने बताया कि हर बुधवार को सत्संग व हर माह के दूसरे रविवार को होते पारिवारिक सत्संग मैं कोई भी भाग ले सकता हैं.हर कार्य मैं रमेश मोदी का पूरा सहयोग मिलता हैं.

No comments:
Post a Comment