भायंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस मैं टूट के आसार
कई नगरसेवक भाजपा के संपर्क मैं
दीपक आर जैन
भायंदर-मीरा भायंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मैं एक बार फिर टूट के आसार दिखाई दे रहे है और पार्टी के कई नगरसेवक विधायक व भाजपा जिला अध्यक्ष नरेंद्र मेहता के संपर्क मैं हैं.ज्ञात हो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी के चार नगरसेवक रांकपा छोड़ चुके हैं.भायंदर पूर्व मैं तो रांकपा का अस्तित्व नहीं के बराबर हो गया हैं जिससे कार्यकर्ताओ मैं मायूसी का माहोल हैं.आनेवाले महानगरपालिका महापौर चुनाव मैं भी युति का महापौर और स्थाई समिति मैं युति का कब्ज़ा व सभापति तय मन जा रहा हैं.
पार्टी छोड़नेवालो मैं महानगरपालिका मैं विरोधी पक्ष के नेता रहर डॉ आसिफ शेख और पूर्व संसद डॉ संजीव गणेश नाईक के समर्थक ध्रुवकिशोर पाटिल का नाम प्रमुखता से चर्चा मैं हैं.मुस्लिम होने के बावजूद शेख के मन मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति प्रेम उम्दा हैं और वे मेंडोंसा के परिवारवाद से भी नाराज चल रहे शेख भाजपा का दमन किसी भी क्षण थम सकते हैं तो संजीव नैक क्या करते हैं उसपर ध्रुवकिशोर पाटिल के पार्टी छोड़ने का निर्भर करता हैं.
आरएसएस व भाजपा के प्रति प्रेम खिलने के पीछे आसिफ शेख को एनसीपी मैं उनके मन मुताबिक पद नहीं मिलना मन जा रहा हैं.हाल ही मैं उन्हें महानगरपालिका की वृक्ष प्राधिकरण समिति का सदस्य बनाया गया था लेकिन उन्होंने तुरंत इसके पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि वे मलाईदार स्थाई समिति के सदस्य बनना चाहते थे लेकिन स्थानीय नेता गिल्बर्ट मेंडोन्सा ने उनकी बजाय अपने अनुज स्टीवन मेंडोन्सा को स्थाई समिति मैं भेज दिया जिससे शेख नाराज हो गए और आरएसएस का गुणगान कर रहे हैं.
शेख कहते है कि वे बचपन मैं आरएसएस की शिविरों मैं हाफ पेंट पहनकर जाया करते थे और करीब पांच साल तक ऐसा किया।शेख शरद पवार के काफी निकट हैं और आघाडी सरकार ने उन्हें Maharashtra State Minimum Wage Advisory Board का अध्यक्ष भी बनाया था.
कई नगरसेवक भाजपा के संपर्क मैं
दीपक आर जैन
भायंदर-मीरा भायंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मैं एक बार फिर टूट के आसार दिखाई दे रहे है और पार्टी के कई नगरसेवक विधायक व भाजपा जिला अध्यक्ष नरेंद्र मेहता के संपर्क मैं हैं.ज्ञात हो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी के चार नगरसेवक रांकपा छोड़ चुके हैं.भायंदर पूर्व मैं तो रांकपा का अस्तित्व नहीं के बराबर हो गया हैं जिससे कार्यकर्ताओ मैं मायूसी का माहोल हैं.आनेवाले महानगरपालिका महापौर चुनाव मैं भी युति का महापौर और स्थाई समिति मैं युति का कब्ज़ा व सभापति तय मन जा रहा हैं.
पार्टी छोड़नेवालो मैं महानगरपालिका मैं विरोधी पक्ष के नेता रहर डॉ आसिफ शेख और पूर्व संसद डॉ संजीव गणेश नाईक के समर्थक ध्रुवकिशोर पाटिल का नाम प्रमुखता से चर्चा मैं हैं.मुस्लिम होने के बावजूद शेख के मन मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति प्रेम उम्दा हैं और वे मेंडोंसा के परिवारवाद से भी नाराज चल रहे शेख भाजपा का दमन किसी भी क्षण थम सकते हैं तो संजीव नैक क्या करते हैं उसपर ध्रुवकिशोर पाटिल के पार्टी छोड़ने का निर्भर करता हैं.
आरएसएस व भाजपा के प्रति प्रेम खिलने के पीछे आसिफ शेख को एनसीपी मैं उनके मन मुताबिक पद नहीं मिलना मन जा रहा हैं.हाल ही मैं उन्हें महानगरपालिका की वृक्ष प्राधिकरण समिति का सदस्य बनाया गया था लेकिन उन्होंने तुरंत इसके पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि वे मलाईदार स्थाई समिति के सदस्य बनना चाहते थे लेकिन स्थानीय नेता गिल्बर्ट मेंडोन्सा ने उनकी बजाय अपने अनुज स्टीवन मेंडोन्सा को स्थाई समिति मैं भेज दिया जिससे शेख नाराज हो गए और आरएसएस का गुणगान कर रहे हैं.
शेख कहते है कि वे बचपन मैं आरएसएस की शिविरों मैं हाफ पेंट पहनकर जाया करते थे और करीब पांच साल तक ऐसा किया।शेख शरद पवार के काफी निकट हैं और आघाडी सरकार ने उन्हें Maharashtra State Minimum Wage Advisory Board का अध्यक्ष भी बनाया था.
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