गच्छाधिपति आचार्य रत्नाकरसुरिस्वरजी सड़क दुर्घटना मैं निधन
कल अंतिम संस्कार वलसाड मैं ,जैन समाज मैं शोक की लहर

(दीपक आर जैन )
मुंबई-पंजाब केसरी आचार्य विजय वल्लभसूरीस्वरजी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय रत्नाकरसुरुस्वारजी म. सा. का मंगलवार को तड़के गुजरात मैं वलसाड के पास सड़क दुर्घटना मैं निधन हो गया.उनके निधन से समस्त जैन समाज मैं शोक की लहर च गयी और निधन के समाचार फैलते ही लोग गुजरात की और रवाना हुए थे। इस साध्वी शीलप्रभा श्रीजी की भी मृत्यु हो गयी. उनका अंतिम संस्कार बुधवार को दोपहर 12.39 को वलसाड मैं होगा।
जैन श्वेताम्बर समुदाय के 18 गच्चाधिपतियो मैं एक थे.नवम्बर माह मैं उनकी दीक्षा पर्याय के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष मैं भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ था.मुंबई मैं सफल चातुर्मास की पूर्णाहुति कर वे गुजरात की और विचरण कर रहे थे.आज तक के इतिहास मैं किसी गच्छाधिपति की मृत्यू की यह पहली घटना हैं. इस घटना के बाद जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा को लेकर समाज मैं गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है.ज्ञात हो नवंबर मैं साध्वी पर्वनिधिश्रीजी म.सा.की राष्ट्रीय महामार्ग नंबर 08 पर विरार के पास और हफ्ते तीन थुई समुदाय के श्री तत्वानंद विजयजी म. सा.की राजस्थान के जालोर के पास हुई सड़क दुर्घटना मैं मृत्यू के घाव भरे भी नहीं थे की इस घटना ने पुरे समाज को हिला कर रख दिया हैं.
प्रमुख साधु संत और जैन अग्रणियों ने इस घटना को बहुत ही गम्भीर बताते हुए कड़े कदम उठाने की मांग की हैं.मुनि कुलदर्शन विजयजी म.सा.ने बताया की तपगच्छाधिपति आचार्य श्री विजय प्रेमसुरिस्वरजी म.सा.,आचार्य श्री कुलचंद्रसुरिस्वरजी (के.सी.)म.सा.की उपस्थिति मैं समुदाय के 18 गच्चाधिपतियो के प्रमुख लोगो की बैठक हुई थी जिसमे आये दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओ मैं साधु साध्वियो के निधन पर चिंता व्यक्त करते हुए कदम उठाने के लिए सुझाव आये.प्रेमसूरिस्वरजी 18 गुरुभगवन्तो के प्रमुख हैं.उन्होंने कहा की रत्नाकरसुरिस्वरजी म.सा.के निधन से बहुत बड़ी क्षति हुई हैं. जैन शासन के लिए उन्होंने अंत समय तक कार्य किया। शांति दूत आचार्य नित्यानंद सुरिस्वरजी म.सा.ने इस घटना को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए कहा की सभी गुरु भगवन्तो व जैन संघो ने इस समस्या पर गहन चिंतन करना होगा।
सागर समुदाय के आचार्य नवरत्न सगरसुरिस्वरजी म.सा.,आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरिस्वरजी म. सा.ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया।उन्होंने कहा की यह बहुत गम्भीर समस्या हैं और समस्त जैन समाज इसे लेकर कारगर कदम उठाये की भविष्य मैं इस तरह की घटनाओ को रोक जा सके.सुखी परिवार फाउंडेशन प्रणेता गणी राजेन्द्रविजयजी व युथ फोरम के अध्यक्ष दीपक आर जैन ने प्रधानमंत्री व सभ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से निवेदन किया है की वे इस बारे मैं कड़े कदम उठाये।ज्ञात हो नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के सदस्य चांदमलजी परमार पिछले कई वर्षो से जैन साधु साध्वियों से निवेदन कर चुके हैं की वो विहार के कार्यक्रमों मैं बदलाव लाये व उनके दिए सुझावो पर अमल करे.
गच्छाधिपति जयंतसेन सूरिस्वरजी म,सा.,मुनि चारित्ररत्न विजयजी म सा ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया।मुनि वैभवरत्न विजयजी ने कहा की शीघ्र ही देशभर के विभिन्न शहरो और गावों से जैन युवानो की टीम का गठन किया जायेगा जो साधु साध्वियो के विहार के समय उनके साथ रहेंगें। ज्ञात हो यात्रा के दौरान जैन साधु वाहनो का उपयोग नहीं करते हुए एक गाव से दूसरे गाव पैदल ही जाते हैं.
कल अंतिम संस्कार वलसाड मैं ,जैन समाज मैं शोक की लहर

(दीपक आर जैन )
मुंबई-पंजाब केसरी आचार्य विजय वल्लभसूरीस्वरजी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय रत्नाकरसुरुस्वारजी म. सा. का मंगलवार को तड़के गुजरात मैं वलसाड के पास सड़क दुर्घटना मैं निधन हो गया.उनके निधन से समस्त जैन समाज मैं शोक की लहर च गयी और निधन के समाचार फैलते ही लोग गुजरात की और रवाना हुए थे। इस साध्वी शीलप्रभा श्रीजी की भी मृत्यु हो गयी. उनका अंतिम संस्कार बुधवार को दोपहर 12.39 को वलसाड मैं होगा।
जैन श्वेताम्बर समुदाय के 18 गच्चाधिपतियो मैं एक थे.नवम्बर माह मैं उनकी दीक्षा पर्याय के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष मैं भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ था.मुंबई मैं सफल चातुर्मास की पूर्णाहुति कर वे गुजरात की और विचरण कर रहे थे.आज तक के इतिहास मैं किसी गच्छाधिपति की मृत्यू की यह पहली घटना हैं. इस घटना के बाद जैन साधु साध्वियों की सुरक्षा को लेकर समाज मैं गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है.ज्ञात हो नवंबर मैं साध्वी पर्वनिधिश्रीजी म.सा.की राष्ट्रीय महामार्ग नंबर 08 पर विरार के पास और हफ्ते तीन थुई समुदाय के श्री तत्वानंद विजयजी म. सा.की राजस्थान के जालोर के पास हुई सड़क दुर्घटना मैं मृत्यू के घाव भरे भी नहीं थे की इस घटना ने पुरे समाज को हिला कर रख दिया हैं.
प्रमुख साधु संत और जैन अग्रणियों ने इस घटना को बहुत ही गम्भीर बताते हुए कड़े कदम उठाने की मांग की हैं.मुनि कुलदर्शन विजयजी म.सा.ने बताया की तपगच्छाधिपति आचार्य श्री विजय प्रेमसुरिस्वरजी म.सा.,आचार्य श्री कुलचंद्रसुरिस्वरजी (के.सी.)म.सा.की उपस्थिति मैं समुदाय के 18 गच्चाधिपतियो के प्रमुख लोगो की बैठक हुई थी जिसमे आये दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओ मैं साधु साध्वियो के निधन पर चिंता व्यक्त करते हुए कदम उठाने के लिए सुझाव आये.प्रेमसूरिस्वरजी 18 गुरुभगवन्तो के प्रमुख हैं.उन्होंने कहा की रत्नाकरसुरिस्वरजी म.सा.के निधन से बहुत बड़ी क्षति हुई हैं. जैन शासन के लिए उन्होंने अंत समय तक कार्य किया। शांति दूत आचार्य नित्यानंद सुरिस्वरजी म.सा.ने इस घटना को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए कहा की सभी गुरु भगवन्तो व जैन संघो ने इस समस्या पर गहन चिंतन करना होगा।
सागर समुदाय के आचार्य नवरत्न सगरसुरिस्वरजी म.सा.,आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरिस्वरजी म. सा.ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया।उन्होंने कहा की यह बहुत गम्भीर समस्या हैं और समस्त जैन समाज इसे लेकर कारगर कदम उठाये की भविष्य मैं इस तरह की घटनाओ को रोक जा सके.सुखी परिवार फाउंडेशन प्रणेता गणी राजेन्द्रविजयजी व युथ फोरम के अध्यक्ष दीपक आर जैन ने प्रधानमंत्री व सभ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से निवेदन किया है की वे इस बारे मैं कड़े कदम उठाये।ज्ञात हो नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के सदस्य चांदमलजी परमार पिछले कई वर्षो से जैन साधु साध्वियों से निवेदन कर चुके हैं की वो विहार के कार्यक्रमों मैं बदलाव लाये व उनके दिए सुझावो पर अमल करे.
गच्छाधिपति जयंतसेन सूरिस्वरजी म,सा.,मुनि चारित्ररत्न विजयजी म सा ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया।मुनि वैभवरत्न विजयजी ने कहा की शीघ्र ही देशभर के विभिन्न शहरो और गावों से जैन युवानो की टीम का गठन किया जायेगा जो साधु साध्वियो के विहार के समय उनके साथ रहेंगें। ज्ञात हो यात्रा के दौरान जैन साधु वाहनो का उपयोग नहीं करते हुए एक गाव से दूसरे गाव पैदल ही जाते हैं.
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